15.6.11

छुट्टी

पिछले रविवार सारी काएनात मेरे साथ छुट्टी पे थी. मैं वादी की दहलीज पर बैठा एक बादल के साथ चाय पी रहा था. सामने वाली ढलान पे धूप-छाँव पकड़न-पकड़ाई खेल रहे थे. और पुलम, काफल और आडू हिल हिल कर उन्हें जोश दिला रहे थे. 

No comments: