1.5.09

कुछ लिखते हैं

चलो आज अपना बचपन याद करते हैं. घडी की सुई उल्टी घुमाते हैं. कुछ लिखते हैं. लैपटॉप को ताक पे रख के डायरी पेन उठाते हैं. कुछ लिखते हैं. कुछ नया महसूस करते हैं. सुन्न पड़ी यादों को तड़का लगाते हैं. कुछ लिखते हैं.

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